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दिव्यांग सत्यनारायण जायसवाल दे गए 2 नेत्रहीनो को नई नेत्रज्योति

दिव्यांग सत्यनारायण जायसवाल दे गए 2 नेत्रहीनो को नई नेत्रज्योति

स्मार्ट हलचल /, रणवीर सिंह चौहान  

भवानीमंडी | से 49 वाँ नेत्रदान- किसी अंग की महत्वता क्या होती है यह एक विकलांग बहुत अच्छी तरह से समझता है, जीवन भर विकलांगता के कारण इस कमी को महसूस करने वाले भवानीमंडी निवासी जिला विकलांग संघ के पूर्व अध्यक्ष 55 वर्षीय सत्यनारायण जायसवाल अपनी मृत्यु के पश्चात भी दो से अधिक लोगों को नई नेत्र ज्योति दे गए।
भवानीमंडी के किराना व्यवसाई सत्यनारायण जायसवाल के ह्रदयाघात से आकस्मिक निधन के बाद नगरपालिका पार्षद पिंटू जायसवाल एवं पत्रकार हेमंत जायसवाल की प्रेरणा से मृतक के पुत्र निर्मल जयसवाल एवं धर्मपत्नी कृष्णा जयसवाल ने नेत्रदान का निर्णय लिया इस पर नेत्रदान प्रभारी कमलेश दलाल द्वारा सूचना देने पर शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड एवं सहायक रोहित ओझा ने कोटा से कार द्वारा भवानीमंडी पहुंचकर रात्रि 1 बजे कोर्निया प्राप्त किया। घर पर उपस्थित सभी परिवारजनों एवं समाज सदस्यों के सामने नेत्रदान संपन्न हुआ, उपस्थित सभी व्यक्तियों ने भी नेत्रदान की प्रक्रिया को अच्छी तरह से देखा और जाना की नेत्रदान में किसी भी तरह की चेहरे पर विकृति नहीं आती है, इसमें केवल आंखों के ऊपर की झिल्ली जिसे कोर्निया कहा जाता है को ही लिया जाता है, इसमें पूरी आंख नहीं निकाली जाती है, यह रक्तहीन प्रक्रिया 10 मिनट में ही पूरी हो गई।

शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र एवं भारत विकास परिषद के प्रांतीय नेत्रदान प्रभारी कमलेश दलाल ने बताया कि सत्यनारायण जायसवाल का कॉर्निया अच्छा पाया गया है इसे आई बैंक जयपुर भिजवा दिया गया है जहां यह दो से अधिक नेत्रहीनों को नई रोशनी दे सकेगा, कमलेश दलाल एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ कुलवंत गौड ने बताया कि कम आयु के नेत्रदान में कोर्निया अत्यंत मजबूत स्थिति मे रहता है, ऐसे मे आधुनिक तकनीक की सहायता से प्राप्त कोर्निया को अलग अलग परतों में विभक्त कर लिया जाता है, और इस तरह एक कोर्निया तीन या चार नेत्रहीनों को भी ट्रांसप्लांट किया जा सकता है। कुछ दिनों पूर्व कन्नड़ फिल्म अभिनेता पुनीत राजकुमार के नेत्रदान से प्राप्त कोर्निया को इसी तकनीक की सहायता से चार दृष्टिहीनों को ट्रांसप्लांट किया गया है।
शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से यह भवानीमंडी क्षेत्र से प्राप्त 49 वाँ नेत्रदान है, एवं इस वर्ष का यह 18 वाँ नेत्रदान है,

नेत्रदान में सहयोग करने वाले पार्षद एवं समाजसेवी पिंटू जायसवाल ने बताया कि सत्यनारायण जायसवाल नेत्रदान के कार्य की हमेशा समर्थन एवं सराहना करते थे, इसीलिए अत्यंत दुख के क्षणों में भी उन्होंने और पत्रकार हेमंत जयसवाल ने मृतक के परिवार से सत्यनारायण जयसवाल के नेत्रदान के लिए बातचीत की, जिसके लिए परिवारजनों ने सहजता से स्वीकृति प्रदान की। मृत्यु के समय मृतक की धर्मपत्नी किसी विवाह समारोह के कारण भवानीमंडी से बाहर थी, ऐसे में उन्हें मृत्यु की सूचना देना और नेत्रदान के लिए सहमति प्राप्त करना अत्यंत कठिन विषय था, परंतु महिला ने नेत्रदान की महत्वता को समझते हुए भवानीमंडी लौटने पर मृतक के नेत्रदान के लिए अत्यंत सहजता से स्वीकृति प्रदान की, इस समय तक रात्रि को 9:30 बज चुका था, मन में संशय था कि सर्दी में देर रात को इतनी दूर से टीम कैसे आएगी परंतु सूचना प्रेषित होते ही डॉ कुलवंत गौड़ जोकि स्वयं बुखार के कारण अस्वस्थ थे, उन्होंने अस्वस्थ होने के बाद भी रात्रि 1:00 बजे भवानीमंडी आकर नेत्र उत्सरण किया और रात्रि को ही कॉर्निया लेकर कोटा रवाना हुए।

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