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भारत-बांग्‍लादेश संबंध समयसिद्ध, खून में लिखे हुए: बांग्लादेशी मंत्री

Edited By Shailesh Shukla | आईएएनएस | Updated:

बांग्‍लादेश ने भारत के साथ दोस्‍ती को बताया अटूटबांग्‍लादेश ने भारत के साथ दोस्‍ती को बताया अटूट

ढाका

बांग्लादेश के मंत्री ओबैदुल क्वादर ने कहा है कि बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध 1971 के मुक्ति संग्राम के खून से सने इतिहास से जुड़े हैं और पड़ोसी देश परखे हुए मित्र हैं। सड़क परिवहन और पुल मंत्री क्वादर ने कहा कि यदि पड़ोसी देशों के साथ संबंध मैत्रीपूर्ण और मजबूत होंगे तो आपसी प्रगति करना और अनसुलझे द्विपक्षीय मुद्दों को हल करना आसान होगा।

बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त रीवा गांगुली दास के उनके सचिवालय कार्यालय में एक शिष्टाचार भेंट करने के बाद उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कही। मंत्री ने बांग्लादेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चरल डिवलपमेंट प्रॉजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में उनके सहयोग के लिए उच्चायुक्त को धन्यवाद दिया। क्वादर ने आगे कहा, ‘बांग्लादेश और भारत अब पहले की तुलना में अधिक मजबूत, मैत्रीपूर्ण और विकासोन्मुख संबंधों को बनाए हुए हैं।’

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध नए आयाम की ओर अग्रसर हैं। इससे पहले बांग्लादेश के एक अखबार ने दावा किया था कि पिछले चार महीने में प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारतीय उच्चायुक्त की कई दरखास्तों के बावजूद मुलाकात नहीं की है। भोरेर कागोज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2019 में शेख हसीना के दोबारा पीएम बनने के बाद सभी भारतीय प्रॉजेक्ट धीमे हो गए हैं जबकि ढाका चीन के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स को ज्यादा तवज्जों दे रहा है।

अखबार के संपादक श्यामल दत्ता ने पाकिस्तान और चीन की ओर झुकते बांग्लादेश पर लिखे आर्टिकल में कहा, ‘भारत की चिंता के बावजूद बांग्लादेश ने सिलहट में एयरपोर्ट टर्मिनल का ठेका चीनी कंपनी को दे दिया। भारतीय उच्चायुक्त रीवा गांगुली चार महीने से बांग्लादेश की पीएम से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश कर रही हैं लेकिन मिल नहीं सकती हैं। बांग्लादेश ने कोराना वायरस की महामारी से निपटने में मदद करने के लिए भारत को धन्यवाद भी नहीं बोला है।’ उधर, बांग्‍लादेश सरकार ने इस आरोप का पुरजोर खंडन किया है।

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