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नेपाली संसद को भंग कर मध्‍यावधि चुनाव करा सकते हैं पीएम केपी शर्मा ओली

Edited By Shailesh Shukla | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

नेपाल की संसद को भंग कर सकते हैं नेपाली पीएमनेपाल की संसद को भंग कर सकते हैं नेपाली पीएम
हाइलाइट्स

  • केपी शर्मा ओली अब संसद को भंग करने और मध्‍यावधि चुनाव कराने की तैयारी कर रहे हैं
  • नेपाली अखबार कांतिपुर की रिपोर्ट के मुताबिक केपी शर्मा ओली अपनी रणनीति बनाने में जुटे
  • ओली के रुख से कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के धड़ों के बीच सहमति बनने के आसार कम होते जा रहे हैं

काठमांडू

चीन के बल पर सत्‍ता बचाने की कोशिशों में जुटे नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अब संसद को भंग करने और मध्‍यावधि चुनाव कराने की तैयारी कर रहे हैं। नेपाली अखबार कांतिपुर की रिपोर्ट के मुताबिक केपी शर्मा ओली और उनके विरोधी पुष्‍प कमल दहल ‘प्रचंड’ दोनों ही शह और मात के लिए अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। ओली की तैयारी को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि नेपाल कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के दोनों ही धड़ों के बीच सहमति बनने के आसार कम होते जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि ओली के भविष्‍य पर फैसला लेने के लिए स्‍थायी समिति की बैठक होने जा रही है। इस बैठक को ओली एकबार फिर से टालने पर जोर दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक ओली दो विकल्‍पों पर विचार रहे हैं। पहला-पार्टी के बंटवारे पर अध्‍यादेश लाया जाए ताकि कम्‍युनिस्‍ट पार्टी का चुनाव चिन्‍ह उनके पास ही रहे। दूसरा-संसद को भंग करके मध्‍यावधि चुनाव कराए जाएं। हालांकि यह दोनों ही रणनीति ओली के लिए आसान नहीं होने जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि ओली ने संसद को भंग करने और मध्‍यावधि चुनाव कराने के कारणों को बताने के लिए अपना भाषण तक तैयार कर लिया है। इससे पहले नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) के को-चेयर प्रचंड ने साफ कह दिया था कि अभी पार्टी टूटने की आशंका खत्म नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पीएम ओली क कहने पर कुछ लोगों ने देश के निर्वाचन आयोग के पास CPN-UMN नाम की पार्टी रजिस्टर कराई है।

‘NCP में संकट की वजह पीएम ओली का बर्ताव’

कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के बीच पैदा हुए राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए नेपाल में चीन की राजदूत ने ताबड़तोड़ बैठकें की थीं जिससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि शायद कुछ सुलह हो भी सकती है। हालांकि इसकी उम्‍मीद अब धूमिल होती जा रही है। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की स्थाई समिति की बैठक में प्रधानमंत्री ओली के धड़े और पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड के खेमे के बीच के मतभेदों को दूर नहीं किया जा सका। इसी बैठक के कुछ दिन बाद ही प्रचंड ने यह बयान दिया था।

दहल ने संकेत दिए हैं कि NCP में संकट की वजह पीएम ओली का बर्ताव है। प्रचंड ने कहा, ‘बातचीत के बावजूद पार्टी के दूसरे चेयरमैन के कहने पर निर्वाचन आयोग में CPN-UML नाम की पार्टी रजिस्टर कराई गई जिससे हमारी पार्टी संकट में है।’ EC में CPN-UML नाम की पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए 1 जुलाई को आवेदन दिया गया था। यह आवेदन संध्या तिवारी के नाम से दिया गया था। पीएम ओली पर पार्टी को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए दहल ने कहा कि उन्होंने (ओली) अपने पक्ष में छात्रों और पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन कराए। उन्होंने कहा, ‘हम पार्टी के अंदर चर्चा कर रहे हैं लेकिन देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं।’

चीनी राजदूत ने कीं ताबड़तोड़ बैठकें

नेपाल की राजनीति में पैदा हुए संकट के बाद चीन की राजदूत हाओ यान्की ने देश के सभी बड़े नेताओं के साथ खूब बैठकें कीं। यान्की को पीएम केपी ओली का करीबी तो माना ही जाता है, इस बीच उन्होंने माधव नेपाल से लेकर राष्ट्रपति बिद्या भंडारी से भी मुलाकात कर डाली। यहां तक कि उनसे मिलने से बचते रहे दहल भी आखिरकार बैठक के लिए राजी हो गए। इसे लेकर देश में सवाल भी उठे कि आखिर चीनी राजदूत का नेपाल की राजनीति में इतना दखल क्यों है लेकिन चीन के दूतावास ने उनकी बैठकों का समर्थन किया और कहा कि चीन चाहता है कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर मतभेद सुलझ जाएं।

नेपाल: ओली को बचाने में चीनी राजदूत ने झोकी ताकतनेपाल: ओली को बचाने में चीनी राजदूत ने झोकी ताकत

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