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अमेरिका में राजनीतिक विचार रखने से डर रहे लोग, सर्वे में हुआ खुलासा

Edited By Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

प्रतीकात्मक तस्वीरप्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स

  • 62 फीसदी अमेरिका लोगों को राजनीतिक विचार व्यक्त करने से लग रहा डर, सर्वे में खुलासा
  • गरीब तबके में विचार व्यक्त करने से डर ज्यादा, बोले- आय पर पड़ सकता है नकारात्मक असर
  • अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले सर्वे पर बड़ी बहस छिड़ने की उम्मीद

वॉशिंगटन

अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले हुए एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि लोग अपने राजनीतिक विचार को व्यक्त करने से डर रहे हैं। लोगों का मानना है कि अगर किसी राजनीतिक दल के प्रति उनके विचार का खुलासा हो जाता है तो इसका नकारात्मक असर उनकी नौकरी-पेशे पर पड़ सकता है।

विचार व्यक्त करने पर हो सकता है हमला

अमेरिका की कैटो इंस्टीट्यूट और यू जीओवी ने 2000 लोगों पर किए गए एक राजनीतिक सर्वे का रिपोर्ट जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि 62 फीसदी अमेरिकी वर्तमान राजनीतिक हालात के कारण अपने विचार को व्यक्त करने से डरते हैं। उन्हें डर है कि इससे उनके ऊपर प्रतिद्वंदी गुट हमला तक कर सकता है। ठीक ऐसा ही सर्वे 2017 में भी किया गया था, तब 58 फीसदी लोगों ने ऐसे विचार व्यक्त किए थे।

राजनीतिक विचार खुलकर बोलने से डर रहे अधिकतर समर्थक

रिपोर्ट के अनुसार, 52 फीसदी डेमोक्रेट, 77 फीसदी रिपब्लिकन और 59 फीसदी निर्दलीय इस बात से सहमत हैं कि वे डर के कारण अपने विचार का सार्वजनिक खुलासा नहीं करते हैं। जबकि 58 फीसदी कट्टर लिबरल्स का यह मानना है कि वे अपने राजनीतिक विचार को खुलकर व्यक्त कर सकते हैं और उन्हें इसका कोई डर नहीं है।

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गरीब तबकों में डर ज्यादा, अमीरों में कम

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राजनीतिक विचार को व्यक्त करने को लेकर गरीब तबकों में डर ज्यादा दिखता है। 15 लाख से कम आय वाले 36 फीसदी परिवारों का मानना है कि उनकी राजनीतिक विचारधारा आय को प्रभावित कर सकती है। जबकि उच्च आय वाले लोग जिनकी आमदनी 75 लाख से ज्यादा है ऐसे 33 फीसदी परिवार ही मानते हैं कि विचार व्यक्त करने से उन्हें आर्थिक हानि हो सकती है।

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32 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने जताया डर

कैटो इंस्टीट्यूट और यू जीओवी की इस रिपोर्ट में 32 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने यह माना है कि अगर उनके राजनीतिक झुकाव के बारे में ऑफिस में पता चलता है तो इससे उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है। इसमें ज्यादा डर रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों में देखने को मिला जिसमें 38 फीसदी लोगों ने माना कि ऐसा होने से उनकी नौकरी खत्म हो सकती है। जबकि, डेमोक्रेटिक पार्टी के 28 फीसदी सदस्य ही इस दावे से सहमत दिखे।

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