Samrat Mixture
Breaking News

कोरोना काल में इस बैंक ने कमाया 24 फीसदी मुनाफा

बैंक ने कोविड-19 से संबंधित 5,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।बैंक ने कोविड-19 से संबंधित 5,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
हाइलाइट्स

  • आईसीआईसीआई बैंक का पहली तिमाही शुद्ध लाभ 24 प्रतिशत बढ़कर 3,118 करोड़ रुपये
  • कोविड-19 महामारी के चलते 5,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया
  • बैंक की एकीकृत आय बढ़कर 37,939.32 करोड़ रुपये हो गई
  • एनपीए घटकर 5.46 फीसदी रह गया जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6.49 प्रतिशत था

नई दिल्ली

निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) का एकीकृत शुद्ध लाभ 24 प्रतिशत बढ़कर 3,118 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, बैंक ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर किसी भी तरह की प्रतिकूल स्थिति के लिये 5,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। तिमाही के दौरान एकल आधार पर यदि बैंक के शुद्ध लाभ की यदि बात की जाए तो यह 36 प्रतिशत बढ़कर 2,599 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

तिमाही के दौरान बैंक ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के 3.96 प्रतिशत तथा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के 1.50 प्रतिशत शेयर कुल 3,092.93 करोड़ रुपये में बेचे। इससे बैंक का मुनाफा बढ़ा है। बैंक ने कहा है कि 30 जून तक मूल्य के हिसाब से ऋण की किस्त के भुगतान पर रोक की सुविधा का लाभ लेने वाले कर्जदारों की संख्या घटकर 17.5 प्रतिशत पर आ गई, जो अप्रैल में 30 प्रतिशत पर थी। इस समय उसके जितने ग्राहक इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं उनमें से 90 प्रतिशत से दोनों ही बार रोक की सुविधा का लाभ उठाया।

सोना-चांदी छोड़िए, लकड़ी में निवेश कीजिए!

कोविड-19 के लिए 5,550 करोड़ रुपये का प्रावधान

देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक के अध्यक्ष संदीप बत्रा ने संवाददाताओं से कहा कि किस्त भुगतान में छूट का लाभ लेने वाले ग्राहकों की संख्या घटने के बावजूद बैंक ने कोविड-19 से संबंधित 5,550 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बत्रा ने बताया कि कोविड-19 के लिए बैंक ने मार्च तिमाही में कुल 2,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इस तरह कोविड-19 से संबंधित प्रावधान का आंकड़ा 8,275 करोड़ रुपये हो गया है। बत्रा ने कहा कि बैंक 15,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेगा। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से होने वाले बदलावों के मद्देनजर यह पूंजी जुटाना जरूरी है।

सीमा पर तैनात जवानों की कलाई में सजेगी मोदी राखी

एनपीए घटा

तिमाही के दौरान बैंक की एकीकृत आय बढ़कर 37,939.32 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष इसी तिमाही में 33,868.89 करोड़ रुपये रही थी। तिमाही के दौरान कुल ऋण पर बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घटकर 5.46 प्रतिशत रह गईं, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 6.49 प्रतिशत थीं। इसी तरह बैंक का शुद्ध एनपीए 1.77 प्रतिशत से घटकर 1.23 प्रतिशत पर आ गया। महामारी पर अंकुश के लिए लागू लॉकडाउन से बैंक की ऋण वृद्धि और शुल्क आय प्रभावित हुई। इस दौरान ग्रामीण इलाकों की स्थिति बेहतर रही। ग्रामीण इलाकों में बैंक की ऋण वृद्धि 14 प्रतिशत, जबकि शहरी इलाकों में 11 प्रतिशत रही।

जमा में 21 फीसदी इजाफा

कुल मिलाकर घरेलू बाजार में बैंक की ऋण वृद्धि 10 प्रतिशत की रही। इस दौरान बैंक की जमा में 21 प्रतिशत का इजाफा हुआ। बत्रा ने कहा कि इससे बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन घटकर 3.69 प्रतिशत रह गया, जो मार्च तिमाही में 3.87 प्रतिशत था। इस दौरान बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय 20 प्रतिशत बढ़कर 9,280 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। वहीं गैर-ब्याज आय (ट्रेजरी लाभ को छोड़कर) 3,247 करोड़ रुपये से घटकर 2,380 करोड़ रुपये रह गई।

Source link

Samrat Mixture