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माइक पोम्पियो बोले- चीन बन गया है ‘भस्‍मासुर’, जिन हाथों ने खिलाया, उन्हें ही काट खाया

Edited By Shatakshi Asthana | रॉयटर्स | Updated:

माइक पॉम्पिओ (फाइल फोटो)माइक पॉम्पिओ (फाइल फोटो)
हाइलाइट्स

  • अमेरिका ने फिर साधा चीन पर निशाना, माइक पॉम्पिओ ने कम्युनिस्ट पार्टी को बताया ‘भस्मासुर’
  • कहा, पूर्व राष्ट्रपति निक्सन को लगता था, दुनिया को चीन के लिए खोलकर राक्षस तैयार किया है
  • चीन की अर्थव्यवस्था को जिसने खड़ा किया, जिन हाथों ने खिलाया, चीन ने उन्हें ही काट खाया

कैलिफोर्निया

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने गुरुवार को कहा कि वॉशिंगटन और उसके साथियों को और ज्यादा दृढ़ और रचनात्मक तरीकों से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर उसके तरीके बदलने के लिए दबाव बनाना चाहिए। उन्होंने इसे इस वक्त का मिशन भी करार दिया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों ने चीन की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को खड़ा किया और पेइचिंग ने उन्हीं अंतरराष्ट्रीय हाथों को काट खाया जो उसे खिला रहे थे।

‘CCP के लिए दुनियो खोलकर गलती’

पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के जन्मस्थान यॉर्बा लिंडा में बोलते हुए पॉम्पिओ ने कहा, ‘राष्ट्रपति निक्सन ने एक बार कहा था कि उन्हें लगता है कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के लिए दुनिया को खोलकर उन्होंने फैंकनस्टीन (राक्षस) बना दिया है और आज वही हो रहा है।’ निक्सन ने 1979 में चीन और अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्तों की नींव रखी थी। वह 1972 में खुद भी पेइचिंग गए थे।

जिन हाथों ने खिलाया, उन्हें ही काटा

पॉम्पिओ ने इस दौरान कहा, ‘चीन की सेना और ज्यादा मजबूत होती जा रही है और परेशानी खड़ी कर रही है। चीन के खिलाफ अविश्वास करके वेरिफिकेशन का रवैया अपनाना चाहिए जो राष्ट्रपति रॉनल्ड रीगन ने 1980 में सोवियत के लिए ‘विश्वास करो लेकिन वेरिफाई करो’ जैसी नीति होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘सच यह है कि हमारी नीतियों और दूसरे आजाद देशों ने चीन की गिरती अर्थव्यवस्था को खड़ा किए, यह देखने के लिए कि पेइचिंग उन्हीं अंतरराष्ट्रीय हाथों को काट खाए जो उसे खिला रहे हैं।’

चीन का ह्यूस्टन वाणिज्य दूतावास जासूसी का अड्डा बन गया था: माइक पॉम्पियो

ह्यूस्टन दूतावास बंद

इस दौरान पॉम्पिओ ने यह भी कहा कि चीनी का ह्यूस्टन स्थित वाणिज्य दूतावास जासूसी का गढ़ बन गया था। अमेरिका ने चीन के इस वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया था। पॉम्पियो ने कहा, ‘इस सप्ताह हमने चीन के ह्यूस्टन स्थित वाणिज्य दूतावास को बंद करने का फैसला किया है क्योंकि यह जासूसी और बौद्धिक संपदा को चुराने का अड्डा बन गया था।’ उन्होंने कहा, ‘चीन ने हमारी बौद्धिक संपदा चुराई और ट्रेड सीक्रेट चुराए जिसकी वजह से लाखों अमेरिकी नागरिकों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।’

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