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भारत-अमेरिका से तनाव के बीच जिनपिंग का आदेश, ड्रोन युद्ध तकनीकी को विकसित करे चीनी सेना

Edited By Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

शी जिनपिंगशी जिनपिंग
हाइलाइट्स

  • अमेरिका और भारत के साथ जारी तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पीएलए एयरफोर्स एविएशन यूनिवर्सिटी पहुंचे
  • राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को आदेश- ड्रोन युद्ध की क्षमता को तेजी से बढ़ाए
  • जासूसी या हवाई हमले करने में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ा, अमेरिका से साउथ चाइना सी में गहराया विवाद

पेइचिंग

अमेरिका और भारत के साथ जारी तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को आदेश दिया है कि वे ड्रोन युद्ध की क्षमता को तेजी से बढ़ाए। चीन के चांगचुन में पीएलए एयरफोर्स एविएशन यूनिवर्सिटी के दौरे पर पहुंचे जिनपिंग ने कहा कि देश की सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक पायलटों को ट्रेनिंग के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं।

जिनपिंग बोले- हमारे पास एडवांस एयरक्राफ्ट

जिनपिंग ने कहा कि हमारे पास पहले से ही एडवांस एयरक्राफ्ट और एयर डिफेंस हथियार मौजूद हैं। इसलिए युद्ध के दौरान हमारा मनोबल भी ऊंचा होना चाहिए। एक पायलट का प्रशिक्षण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और लोगों के उम्मीदों का प्रतीक है। इससे एक मजबूत सेना की नींव भी रखी जाती है।

सेना को ड्रोन तकनीकी बढ़ाने का आदेश

ड्रोन के बारे में जोर देते हुए जिनपिंग ने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन युद्ध की परिस्थिति को बदल रहे हैं। अब यह जरूरी हो गया है कि हम ड्रोन कॉम्बेट रिसर्च और ट्रेनिंग से जुड़ी गतिविधि को मजबूत करें। इसके अलावा ड्रोन पायलटों और कमांडरों की ट्रेनिंग में भी तेजी लाना आवश्यक है।

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तेजी से क्षमता बढ़ा रही चीनी वायुसेना

चीनी सैन्य विश्लेषक झोउ चेनमिंग ने कहा कि हाल के दिनों में चीन की पीएलए एयरफोर्स तेजी से अपनी क्षमता को बढ़ा रही है। इसके लिए उसे बड़ी संख्या में फाइटर पायलटों की जरुरत है। पिछले साल चीन ने अपने दूसरे विमानवाहक पोत द शेडोंग का कमीशन किया था। इसके लिए भी उसे कम से कम 70 फाइटर पायलटों की आवश्यकता है।

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जासूसी या हवाई हमलों में ड्रोन का ज्यादा उपयोग

सैन्य विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में जासूसी या हवाई हमले करने में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ा है। ऐसे में कोई भी देश ड्रोन की ताकत को अनदेखा नहीं कर सकता। इन दिनों साउथ चाइना सी में अमेरिका और चीन के बीच भी हवाई गतिविधियों को लेकर तनाव चरम पर है। ऐसे में चीन के ड्रोन तकनीकी को बढ़ाने जाने की खबर महत्वपूर्ण हो जाती है।

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